इतवार

सिर्फ सो लेता हूँ ज़्यदा से ज़्यदा मेरा एक भी छुट्टी का पल बेकार नही जाता,
थोड़ा वक्त बचे तो दे देता हूँ टीवी या मोबाइल को फ़िर अगले दिन से छुट्टी का इंतजार नही जाता,
ना जाने कौन सी खास बात थी वो स्कूल के दिनो में इतवार की,
जबसे बड़े हुए है कम्बक्त वो बचपन वाला इतवार नहीँ आता....
Happy sunday..
#100Rav

Comments

Popular posts from this blog

"एक किस्सा ट्रेन और जिंदगी के सफर का"

मोशमी

मैं तुझे नफरत नहीं करता