बोझ

जो कभी घूम हो जाऊं इस मौत के सल्तनत में तो उमीद है की मेरे दोस्त मेरी तलाश लगायेंगे,
बोझ बन जाऊंगा अपने ही दोस्तों पर एक दिन जब कंधे बदल बदल के वो मेरा लाश उठायेंगे ...
शुभ रात्रि ...Gd ntz दोस्तों
#100rav

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