जब दर्द ने गवाया हो! इंसान फनकार बन ही जाता है,
फिर शब्दो से खेलकर कलम हथियार बन ही जाता है,
कि किसी को गलती कि सजा गुनाह के बराबर दो,
वो सज्जन सजा पाकर गुनेहगार बन ही जाता है..
#100rav
किस्सा तब का है जब सारी दुनिया शहर को छोड़ गांव का रुख कर रही थी। पिताजी को घर से काम मिल चुका था और मेरे पढ़ाई की छुट्टी थी तो हमने गोदान की टिकट बुक करा रखी थी, जो की वेटिंग से आरऐसी में आ गई अब हमें कल निकालना था। मां और पापा को एक सीट मिली और मेरा सीट किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर होने वाला था, मैं बड़ा उत्सुक था की गांव को जाना है हमने कुर्ला टर्मिनस से ट्रेन पकड़ा और आजमगढ़ के लिए रवाना हुए। फिर थाने रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां मेरे साथ जो सीट सांझा करने वाले थे वो चढ़ी एक औरत, जो की पसीने से लतपत और काफी जूना वस्त्र पहने हुए फिर उनके पीछे उसकी बेटी जिसके कपड़े तो मटमैले थे लेकिन वो काफी खूबसूरत थी उसकी आंखे भूंरी थी जो उसे और उम्दा बनाती थी। मेरे पिताजी ने उनके आते ही शोर करना चालू कर दिया आगे जाओ छुट्टा नहीं है ऐसा कहकर फिर वो औरत पास आई और बोली, भाई जी ये हमारा सीट है जो आरएसी में हुआ है मेरे पिताजी ने कहा टिकट दिखाओ उसने टिकट दिखाया लेकिन फिर पिताजी बोले एक सीट है और तुम दो लोग आए हो बिना टिकट सफर करवाना चाहती हो अपनी बेटी को। तो वो औरत बोली साहेब इसका टिकट बनवा लूंगी मैंने ...
कहानी है आकाश और राधा की। दोनों नेशनल स्कूल में पढ़ते थे बस उनका डिवीजन अलग अलग था राधा डिविजन सी और आकाश डिवीजन बी में था और यहां डिवीजन मात्र बच्चो की संख्या ज्यादा होने से बना था कोई होनहार विद्यार्थी के आधार पे नहीं की डिवीजन ए में सभी होनहार छात्र हैं ऐसा कुछ नहीं था। अब आकाश राधा को पहली बार देखता है और बाकी दोस्त भी आकाश के साथ होते हैं तो भाग्य से आकाश और राधा दोनों ही गुजराती थे। और सारे दोस्त आकाश को बोलते हैं तेरे जाति वाली है अच्छी भी दिखती है बात कर और दोस्ती कर ले। लेकिन आकाश भी काफी एटीट्यूड वाला लड़का था और कभी सामने से किसी से बात नहीं करता था। हां राधा उसको मन ही मन अच्छी लगी लेकिन उसका मानना था की अच्छी दिखने वाली चीज हमेशा बुरी होती है भगवान उस बुराई को छुपाने के लिए सुंदरता देता है और उसने कभी राधा से फिर बात नहीं की। अब राधा काफ़ी होनहार लड़की थी और पढ़ाई, खेल में भी अव्वल आती थी तो प्रिंसिपल ने राधा को नया assignment दिया जहां सिर्फ होनहार बच्चों को लिया जाता। इस assignment में काफी देर भी होती थी क्योंकि काफी नया था वो। राधा अब उस assignment में काम करने लगी तो ...
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